शिक्षक का महत्व आदिकाल से रहा है, क्योंकि किसी भी देश का विकास तभी हो सकता है, जब लोग शिक्षित हों। आप भी लोगों को शिक्षित करना चाहते हैं तो स्कूल में टीचर बनकर सपना साकार कर सकते हैं।

क्यों है सीटीईटी का क्रेज

नए नियम के अनुसार अब सीटीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थी ही टीचर बन सकते हैं। सीटीईटी उत्तीर्ण होने के बाद आप प्राइमरी कक्षा से लेकर आठवीं कक्षा तक को पढाने के योग्य हो जाते हैं। इस परीक्षा में वही सम्मिलित हो सकते हैं, जिसने बीएड या टीचर्स ट्रेनिंग की है।

कैसे करें तैयारी

सफल होने के लिए आपको एक योजना बनानी होगी और उसी के अनुरूप तैयारी करनी होगी। आपके लिए बेहतर होगा कि इस परीक्षा में पूछे गए पूर्व के प्रश्नपत्रों को एक जगह एकत्रित कर लें और उसका गहन अध्ययन करें। इससे आपको प्रश्नों के पैटर्न का सही पता चल जाएगा। इस संबंध में सफल स्टूडेंट्स का मानना है कि अगर परीक्षा का पैटर्न पता चल जाता है, तो आपकी तैयारी औरों से बेहतर और अच्छी हो सकती है। इसके अतिरिक्त खुद को आंकने का अवसर भी मिलता है।

सिलेबस का करें अध्ययन

किसी भी परीक्षा की बेहतर तैयारी तभी हो सकती है, जब आप सिलेबस के अनुरूप पढाई करते हैं। जो सबसे कमजोर पक्ष है, उसकी तैयारी सबसे पहले करें। इस परीक्षा में टीचिंग एप्टीट्यूड से संबंधित प्रश्न भी काफी संख्या में पूछे जाते हैं। अक्सर स्टूडेंट्स इस सेक्शन से डरते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार इससे डरने की जरूरत नहीं है। अगर आप टीचर की मानसिकता लेकर इस तरह के प्रश्नों को हल करेंगे, तो फायदे में रह सकते हैं।

एक माह पूर्व तैयारी

परीक्षा के एक माह पूर्व आप सिर्फ रिवीजन और प्रैक्टिस पर ध्यान दें। अगर घर में इंटरनेट है तो कई वेबसाइट्स हैं, जिसमें परीक्षा की तैयारी के लिए मॉडल सेट दिए रहते हैं। आप निर्धारित समय सीमा के अंदर इस तरह के प्रश्नों को हल करने की कोशिश करें। अगर घर में इंटरनेट नहीं है तो बाजार में बहुत सारी प्रामाणिक पुस्तकें हैं, जो सीटीईटी बेस्ड हैं। आप इसकी सहायता से तैयारी कर सकते हैं। परीक्षा से दस दिन पहले घर पर परीक्षा का माहौल बनाकर अभ्यास करें।
 
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