पदबंध - व्याकरण में एक से अधिक पदों के निबंधन (नियम में बंधे हुए) से बने व्याकरणिक इकाई को पदबंध कहते हैं। पदबंध के विषय में जानने से पहले शब्द और पद के विषय में जानना आवश्यक है। ये व्याकरण के महत्वपूर्ण भाग हैं और पदबंध से इनका बहुत गहरा संबंध भी है।

शब्द- एक शब्द को जब तक वाक्य में प्रयोग नहीं किया जाता हैतब तक वह स्वतंत्र होता है। उसका यही स्वतंत्र स्वरुप शब्द कहलाता है।
जैसे- कमल

पद- जब हम इसी (कमल) शब्द को वाक्य में प्रयोग करके लिखते हैंतब यह वाक्य का एक भाग बन जाता है और 'पदकहलाता है। वाक्य में यह पद व्याकरणिक नियमों से बंधा होता है।
जैसे:- तालाब में कमल खिले हैं।

पदबंध- इसी तरह जब एक से अधिक पद मिल जाते हैं और व्याकरणिक इकाई का रुप धारण कर लेते हैंतब वह बंधी इकाई 'पदबंध'कहलाती है। (अर्थात कुछ पद मिलकर एक ही इकाई को दर्शाते हैं।)
उदाहरण के लिए-
(i) तालाब में कमल खिले हैं।
(ii) तालाब में सुंदर कमल खिले हैं।
(iii) तालाब में बहुत सुंदर कमल खिले हैं।
(iv) तालाब में रंग-बिरंगें बहुत सुंदर कमल खिले हैं।

रेखांकित शब्दों को देखिए ये सभी शब्द पदबंध हैं। 'कमलएक पद है। लेकिन 'सुंदर कमल', 'बहुत सुंदर कमलऔर 'रंग-बिरंगे बहुत सुंदर कमलपद समूह 'कमलसे जुड़कर एक व्याकरणिक इकाई बना रहा है। इससे स्पष्ट होता है कि ये सब पदबंध हैं।
ध्यान रखने योग्य बातें- वाक्य रचना की दृष्टि से ध्यान दिया जाएतो हमें निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना आवश्यक है?
(पदबंध वाक्य का एक अंश है। इसे पूरा वाक्य समझने की भूल नहीं करनी चाहिए।
(पदबंध में एक से अधिक पदों का समावेश होता है। इसी कारण यह पदबंध कहलाता है।
() ये पद आपस में इस तरह से जुड़े होते हैं कि एक इकाई का रुप धारण कर लेते हैं।
() हर पदबंध में एक मुख्य पद होता है और बाकी पद उस पर आश्रित होते हैं। (जैसे'तालाब में रंग-बिरंगें बहुत सुंदर कमल खिले हैं।'में कमल मुख्य पद हैं और रंग-बिरंगे बहुत सुंदर आश्रित पद हैं।)

पदबंध के पाँच भेद होते हैं -

1- संज्ञा पदबंध - जब एक से अधिक पद मिलकर संज्ञा का काम करें ,तो उस पदबंध को संज्ञा पदबंध कहते हैं ! संज्ञा पदबंध के शीर्ष में संज्ञा पद होता है , अन्य सभी पद उस पर आश्रित होते हैं ! जैसे -
   दीवार के पीछे खड़ा पेड़ गिर गया ।
इस वाक्य में रेखांकित शब्द संज्ञा पदबंध हैं !

2- सर्वनाम पदबंध - जब एक से अधिक पद एक साथ जुड़कर सर्वनाम का कार्य करें तो उसे सर्वनाम पदबंध कहते  हैं ! इसके शीर्ष में सर्वनाम पद होता है ! जैसे -
भाग्य की मारी तुम अब कहाँ जाओगी  ।

3- विशेषण पदबंध - जब एक से अधिक पद मिलकर किसी संज्ञा की विशेषता प्रकट करें , उन्हें विशेषण पदबंध  कहते हैं ! इसके शीर्ष में विशेषण होता है ! अन्य पद उस विशेषण  पर आश्रित होते हैं ! इसमें प्रमुखतया प्रविशेषण लगता है ! जैसे –
मुझे चार किलो पिसी हुई लाल मिर्च ला दो ।

4- क्रिया पदबंध - जब एक से अधिक क्रिया पद मिलकर एक इकाई के रूप में क्रिया का कार्य संपन्न करते हैं , वे क्रिया पदबंध कहलाते हैं ! इस पदबंध के शीर्ष में क्रिया होती है !
    जैसे - वह पढ़कर सो गया है ।

5- क्रियाविशेषण पदबंध - जो पदबंध क्रियाविशेषण के रूप में प्रयुक्त होते हैं , उन्हें क्रियाविशेषण पदबंध कहते हैं ! इसमें क्रियाविशेषण शीर्ष पर होता है और प्राय: प्रविशेषण आश्रित पद होते हैं ! जैसे -
 मैं बहुत तेजी से दौड़कर गया ।


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