CTET Exam Notes : Child Development and Pedagogy (CDP) 

in Hindi Medium 

Topic  : Influence of Heredity & Environment ( वंशानुक्रम एवं  वातावरण का प्रभाव) 

व्यक्तित्व को प्रभावित करने वाले कारक


वास्तव में मानव व्यक्तित्व दो प्रभावी तत्वों वंशानुक्रम व वातावरण की देन है। कोल तथा ब्रूस के अनुसार जीव गर्भधारण के समय से ही वंशानुगत क्षमता के अनुसार ही संवेदनशील, सक्रिय रहने वाला, प्रभावी व्यक्तिक के रूप में विकसित होता है। इस विकास  के साथ यह शर्त भी है के उसका वातावरण इसके विकास के लिए आवश्यकतानुसार साधन तथा उद्दीपन का प्रावधान करे।

व्यक्तित्व में भिन्नता होने के कई कारण है। पहले तो जीव की अनुवांशिक क्षमताओ में भिन्नता होती है। दूसरे विकास के लिए जुताई गयी सामग्री में भिन्नताओ की कोई सीमा नहीं होती । गिलफोर्ड ने इस दिशा मई काम किया है । उसने एक ही परिवार के सदस्यों की जाँच की व पाया कि वंशानुक्रम तथा वातावरण दोनों का अपना- अपना प्रभाव है।

वंशानुक्रम व इसका विकास पर प्रभाव




वंशानुुक्रम का महत्व:-



Post a Comment Blogger

 
Top