CTET Exam Notes : Child Development and Pedagogy (CDP) in Hindi Medium


विशिष्ट बालक (Special Child)

विशिष्ट बालकों से अभिप्राय ऐसे बालकों से है जो शारीरिक या मानसिक शीलगुणों में सामान्य बालकों से भिन्न होते हैं। विशिष्ट या असाधरण शब्द का प्रयोग उस शीलगुण या शीलगुण वाले व्यकित के लिए किया जाता हैं, जो सामान्य व्यकित के शीलगुण से इस सीमा तक विचलित या अलग होते है कि उनके साथियों को उनकी ओर विशेष ध्यान देना पड़ता है, और इससे उनके कार्य प्रभावित होते है। 

रेबर के अनुसार विशिष्ट बालक जैसा कि बालमनोविज्ञान में प्रयुक्त होता है, से तात्पर्य अत्यधिक प्रवीण एवं प्रतिभाशाली बालकों के साथ-साथ उन बालकों से भी है जो निम्न बुद्धि या अन्य शिक्षण असमर्थताओं के होते हैं।
स्लेवीन (1991) ने इस प्रकार के बालकों को चार विभिन्न श्रेणियों में विभाजित किया जो कि निम्नलिखित हैं:-
1. मानसिक असाधरण बालक
2. शारीरिक असाधरण बालक
3. वाणी असाधरण बालक
4. संवेगात्मक असाधरण बालक

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