CTET 2015 EXAM NOTES IN HINDI MEDIUM

आगमन विधि - अर्थ एवं स्वरूप (Inductive Method)


आगमन विधि उस विधि को कहते हैं जिसमें विशेष तथ्यों तथा घटनाओं के निरीक्षण तथा विश्लेषण द्वारा सामान्य नियमों अथवा सिद्धान्तों का निर्माण किया जाता हैं। इस विधि में ज्ञात से अज्ञात की ओर, विशिष्ट से सामान्य की ओर तथा मूर्त से अमूर्त की ओर नामक शिक्षण सूत्रों का प्रयोग किया जाता हैं। 

दूसरे शब्दों में, इस विधि का प्रयोग करते समय शिक्षक बालकों के सामने पहले उन्हीें के अनुभव क्षेत्रा से विभिन्न उदाहरणों के सम्बन्ध में निरीक्षण, परीक्षण तथा ध्यानपूर्वक सोच विचार करके सामान्य नियम अथवा सिद्धान्त निकलवाता है। इस प्रकार आगमन विधि में विशिष्ट उदाहरणों द्वारा बालकों को सामान्यीकरण अथवा सामान्य नियमों को निकलवाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता हैं। उदाहरण के लिये व्याकरण पढ़ाते समय बालकों के सामने विभिन्न व्यक्तियों, वस्तुओं तथा स्थानों एवं गुणों के अनेक उदाहरण प्रस्तुत करके विश्लेषण द्वारा यह सामान्य नियम निकलवाया जा सकता हैं कि किसी व्यक्ति, वस्तु तथा स्थान एवं गुण को संज्ञा कहते हैं।

आगमन तथा निगमन विधि, आगमन विधि के गुण, दोष, आगमन तथा निगमन विधियों में अन्तर, सीटीईटी हिंदी नोट्स, Best Free CTET Exam Notes, Teaching Of pedagogoy Notes, CTET 2015 Exam Notes, ctet Study Material in hindi medium, CTET PDF NOTES DOWNLOAD,  PEDAGOGY Notes,


आगमन विधि के गुण


आगमन विधि के दोष 


निगमन विधि (Inductive Method)  अर्थ एवं स्वरूप 



 निगमन विधि के गुण


निगमन विधि के दोष

आगमन तथा निगमन विधियों में अन्तर

आगमन तथा निगमन दोनों विधियों में कोई विरोध नही हैं। दोनों विधियाँ एक दूसरे की पूरक है। अतः दोनों विधियों का समन्वय आवश्यक हैं। प्रसिद्ध शिक्षाशास्त्राी हरबार्ट की पंच पद प्रणाली में भी हमें आगमन तथा निगमन दोनों विधियों का समन्वय स्पष्ट रुप से दिखाई पड़ता है।
नोटआपको हमारी पोस्ट कैसी लगीकृपया कमेंट करके ज़रूर बताए  

Post a Comment Blogger

 
Top