CTET 2015 Exam Notes : Child Development and Pedagogy (CDP) in Hindi Medium


ज्ञानात्मक व् क्षेत्र संगठनात्मक सिद्धांत: अधिगम का यह सिद्धांत सिखने की प्रक्रिया में उद्देश्य अंतर्दृष्टि और सूझबूझ के महत्व को प्रदर्शित करता है । इस प्रकार के सिधान्तो के अंतर्गत वर्देमीर, कोहलर एवं लेविन के अधिगम सिद्धांत आते है।

‘‘सूझू तथा अन्र्तदृृिष्टि का सिद्धान्त’’ 

(Kohler ’s Theory of Insight):-


सूझ द्वारा सीखने के सिद्धांत के प्रतिपादक जर्मनी के गेस्टाल्टवादी है। इसलिए इस सिद्धांत को गेस्टाल्ट सिद्धांत भी कहते हैं। इनके अनुसार व्यक्ति अपनी सम्पूर्ण परिस्थिति को अपनी मानसिक शक्ति से अच्छी तरह समझ या सीख लेता है। इस प्रकार वह अपनी सूझ के कारण करता है। इस संबंध में अनेक प्रयोग किए जा चुके हैं, जिनमें सबसे प्रसिद्ध प्रयोग कोहलर का है।
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कोहलर का प्रयोग - 

कोहलर ने एक भूखे चिम्पाजी को एक कमरे में बंद किया। कमरे की छत में कुछ केले इस प्रकार टाँग दिए कि वे चिम्पाजी की पहंुच के बाहर थे। कमरे में कुछ दूरी पर तीन-चार खाली बक्से भी रखे गए। चिम्पांजी ने उछल कर केले लेने का प्रयास किया पर सफल नहीं हुआ। कुछ समय पश्चात फर्ष पर रखे खाली बक्सों को देखकर उनको केले के नीचे खींच कर उस पर चढ़ गया केले प्राप्त कर लिए। यह उसकी सूझ ही है जिसने उसे अपने लक्ष्य को प्राप्त करने में सफलता दी। चिम्पान्जी के समान बालक और व्यक्ति भी सूझ द्वारा सीखते हैं।

अन्य महत्वपूर्ण अधिगम के सिद्धांत 


हल का व्यवस्थित व्यवहार सिद्धांत


अनुभवात्मक अधिगम सिद्धांत


निर्मितिवाद (Constructivism)


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