CTET 2015 Exam Notes : Child Development and Pedagogy (CDP) in Hindi Medium


बालक एक समस्या समाधानकर्ता केे रूप मेें:

स्कूली जीवन में एक बच्चे के समक्ष अनेक समस्याएं आती है तथा उसका समाधान भी उसे ही ढूँढना होता है। बच्चो को इस स्तर के योग्य बनाने के लिय आवश्यक है की उसका व्यक्तिगत विकास किया जाये ताकि वह सभी प्रकार की स्थितियों का सही ढंग से सामना कर सके। बच्चो को समस्या समाधाक के रूप में बनाने के लिए निम्नलिखित गुणों का विकास किया जा सकता है-
  • बच्चो में आत्मपहचान का  गुण विकसित करना 
  • अपनी कमी को स्वीकारना और दूर करना सीखना 
  • बच्चो को स्वावलम्बी बनने  लिए प्रोत्साहित करना 
  • बच्चो में भाषा का विकास करना 
  • बच्चो को बार बार प्रयास करना 
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समस्या समाधान विधि 

समस्या समाधान विधि के सामान्य सिद्धान्त

समस्या विधि के चरण :


बालक एक वैैज्ञानिक अन्वेषक केे रूप मेें:

जब बालक अपने ज्ञान और अनुभव के माध्यम से किसी समस्या के प्रत्येक पहलु को जानने लगता है तथा खुद ही समस्या का समाधान खोज लेता है तब बच्चे में एक वैज्ञानिक अन्वेषक के गुण आने लगते है। तथा वह अपनी समस्याओ का खुद समाधान करने लगता है।

बच्चे को वैज्ञानिक अन्वेषक के रूप में बनने के लिए निम्नलिखित गुणों का विकास किया जा सकता है।

  • बच्चो के समक्ष छोटी-छोटी समस्या रखकर 
  • बच्चो को संभावित समाधानो के निर्माण हेतु प्ररित करके 
  • बच्चे के दुआरा बताए गए संभावित परिणामो का परीक्षण करके 

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