CTET 2015 Exam Notes : Child Development and Pedagogy (CDP) in Hindi Medium


अधिगम का अर्थ :-

प्रत्येक व्यक्ति प्रतिदिन नए-नए अनुभव एकत्रित करता है, इन नए अनुभवों से उसके व्यवहार में परिवर्तन आता है। इस प्रकार नए अनुभव एकत्रित करना तथा इनसे व्यवहार में परिवर्तन आने की प्रक्रिया ही अधिगम है। अधिगम प्रक्रिया निरंतर चलने वाली ओर सार्वभौमिक प्रक्रिया है। इस प्रकार स्पष्ट है कि सिखना अनुभव द्वारा व्यवहार में परिवर्तन है। 

सीखना या अधिगम एक व्यापक सतत् एवं जीवन पर्यन्त चलने वाली प्रक्रिया है। मनुष्य जन्म के उपरांत ही सीखना प्रारंभ कर देता है और जीवन भर कुछ न कुछ सीखता रहता है। धीरे-धीरे वह अपने को वातावरण से समायोजित करने का प्रयत्न करता है। इस समायोजन के दौरान वह अपने अनुभवों से अधिक लाभ उठाने का प्रयास करता है। इस प्रक्रिया को मनोविज्ञान में सीखना कहते हैं। 

अधिगम को प्रभावित करने वाले कारक, शारीरिक कारक, मनोवैज्ञानिक कारक, CTET Exam 2015 Notes Hindi,  बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र, CDP Hindi Notes, सी टी ई टी नोट्सजिस व्यक्ति मंे सीखने की जितनी अधिक शक्ति होती है, उतना ही उसके जीवन का विकास होता है। सीखने की प्रक्रिया में व्यक्ति अनेक क्रियाएंे एवं उपक्रियाऐं करता है। अतः सीखना किसी स्थिति के प्रति सक्रिय प्रतिक्रिया है।

अधिगम को प्रभावित करने वाले कारक :-


शारीरिक कारक

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मनोवैज्ञानिक कारक

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अन्य कारक

1. पुर्व अधिगम
2. विषय वस्तु का स्वरूप
3. विषय के प्रति मनोवृति
4. सीखने की इच्छा
5. सीखने की विधि
6. अभिप्रेरणा
7. वातावरण
8. थकान
9. शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य
10. वंशानुक्रम

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