CTET 2015 Exam Notes : TEACHING OF SOCIAL STUDIES (SST) in Hindi Medium


सामाजिक अध्ययन का क्षेत्र  (Scope of Social Studies)

सामाजिक अध्ययन का क्षेत्रा भी विस्तृत तथा व्यापक है। इसकी विषय वस्तु का निर्माण विभिन्न सामाजिक विज्ञान करते हैं जिसमें भूगोलइतिहासनागरिक शास्त्राराजनीति शास्त्रासमाज शास्त्रादर्शन शास्त्रनीति शास्त्रा आदि हैं। इन सभी विषयों के आधारभूत तत्व मिलकर सामाजिक अध्ययन का पाठ्यक्रम निर्धारित करते हैं।

यह मानव जीवन के प्रत्येक पक्ष सामाजिकआर्थिकराजनैतिकऐतिहासिक को स्पर्श करता है। इसप्रकार सामाजिक अध्ययन का क्षेत्रा विशाल तथा व्यापक है। इसमें विविधता है जो मानव को अनुभव ग्रहण करने में मदद करता है।
माइकल्स के शब्दों में,‘‘सामाजिक अध्ययन का कार्यक्रम इतना विशाल होना चाहिए जिससे विद्यार्थियों को विभिन्न प्रकार के अनुभव मिल सके  उनका ज्ञान विस्तृत हो सके।

सामाजिक अध्ययन का क्षेत्रा सम्पूर्ण मानव जीवन के भौतिक एवं सामाजिक वातावरण से सम्बन्धित हैइसीलिये यह विस्तृत हैं। इसे दो प्रकार से स्पष्ट किया जा सकता है।

सामाजिक अध्ययन का क्षेत्र  (Scope of Social Studies), सामाजिक अध्ययन शिक्षण, सीटीईटी हिंदी नोट्स, Best Free CTET Exam Notes, Teaching Of pedagogoy Notes, CTET 2015 Exam Notes, ctet Social Stidies Study Material in hindi medium, CTET PDF NOTES DOWNLOAD,  SST PEDAGOGY Notes,

वसुधेैव कुटुम्बकम्’ के सिद्धान्त के अनुसार मानव परिवार से विश्व परिवार का सदस्य हैइसीलिए मनुष्य का मनुष्य के साथ गहरा सम्बन्ध है। मानवीय जीवन के वह सभी पहलू या पक्ष जो मानव के विकास के लिए आवश्यक है सामाजिक अध्ययन की विषयवस्तु के अन्तर्गत आते हैं। इन पहलूओं से सम्बन्धित विषयों की जानकारी हम सामाजिक अध्ययन के अन्तर्गत करते हैं। इतिहासभूगोलनागरिक शास्त्राअर्थशास्त्रासमाजशास्त्रा आदि सभी विषय इसके क्षेत्रा की सीमा में आते हैं क्योकि यह सभी विषय भूतवर्तमान तथा भविष्य के मध्य सम्बन्ध स्थापित करते हैंः-

प्रोवी0आरतनेजा ने ठीक कहा है कि वे लोग गलती पर हैं जो इतिहास के किसी टुकड़ेभूगोल के किसी हिस्सेनागरिक शास्त्रा की कुछ बातें तथा अर्थशास्त्रा से सम्बन्धित कुछ सामाजिक सन्दर्भों को केवल एकत्रित कर देने को सामाजिक अध्ययन मानते हैंपरन्तु वास्तव में इन विषयों का शिक्षण अलग-अलग करते हैं।

सामाजिक अध्ययन का क्षेत्रा व्यापक और विशाल है लेकिन यह सीमाओं से बंधा हुआ है। इसमें सम्पूर्ण मानव जाति के वर्तमान सामाजिक जीवन का अध्ययन किया जाता है जो सभी विषयों की व्यावहारिक तथा  आवश्यक ज्ञान की सीमाओं से बंधा हुआ है। सभी विषयों से उतनी ही विषय-वस्तु ली जाती है जिनका बच्चों के दैनिक जीवन में व्यावहारिक महत्त्व है।


नोटआपको हमारी पोस्ट कैसी लगीकृपया कमेंट करके ज़रूर बताए  

Post a Comment Blogger

 
Top