CTET 2015 Exam Notes : Teaching of Science in Hindi Medium


दैनिक जीवन में विज्ञान का प्रयोग 

विज्ञान ने हमारे जीवन में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और अब यह स्वास्थ्य, यातायात, परिवहन तथा बिजली जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में हमारे संपूर्ण अस्तित्व में परिवर्तन कर रहा है। आज विज्ञान मानव जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में अपना सहयोग कर रहा है। घर से लेकर उद्योग धंधो, व्यापार, व्यवसाय, सामाजिक एवं आर्थिक विकास सभी क्षेत्रों में उसकी उपलब्धियों ने मानव जीवन को सुखमय, सुविधाजनक और आसान बना दिया है।

विज्ञान का सदुपयोगः-

विज्ञान मनुष्य की सबसे बड़ी शक्ति है। यह विश्व के संचालन का मूल आधार है। जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में वैज्ञानिक आविष्कारों ने प्रभुत्व स्थपित कर लिया है क्षेत्र निम्नलिखित हैः-

1. संचार के क्षेत्र में:- टेलीफोन और टेलीग्राफ द्वारा क्षणभर में ही किसी भी प्रकार के संदेश एवं विचारों का आदान प्रदान किया जा सकता है। टेली प्रिन्टर, रेडियो, टेलीविजन द्वारा कोई समाचार क्षण भर में प्रसारित किया जा सकता है। विज्ञान ने पृथ्वी और आकाश की सारी दूरिया समेट ली है।

2. यातायात के क्षेत्र में:- साइकिल, स्कूटर, लाॅरी, ट्रक, रेलें, वायुयान, राकेट, अंतरिक्षयान, ब्रह्माण्ड में मानव की प्रगति का साक्ष्य दे रहे है। चन्द्र विजय, अंतरिक्ष स्टेशन की स्थापना द्वारा अंतरिक्षीय पिण्डों की नियमित यात्राएं शायद अधिक दूर नहीं।

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4. शिक्षा के क्षेत्र में:- विज्ञान ने शिक्षा के क्षेत्र में अद्भूत कार्य किये है। टेलीविजन, रेडियो, सिनेमा ने शिक्षा को सरल बना दिया है।

5. कृषि के क्षेत्र में:- उर्वरक, बुआई, कटाई के आधुनिक साधनों, कीटनाशक दवाओं तथा सिंचाई के कृत्रिम साधनों ने खेती को अत्यंत सुविधापूर्ण एवं सरल बना दिया है।

6. मनोरंजन के क्षेत्र में:- सिनेमा, रेडियो, टेलीविजन विज्ञान की ही देने है।

7. दैनिक जीवन में विद्युत:- विद्युत हमारे दैनिक जीवन का महत्वपूर्ण अंग बन गई है। बिजली के पंखे, प्रेस, कुकिंग गैस, स्टोव, फ्रिज, सिलाई मशीन आदि के निर्माण ने मानव को सुविधापूर्ण जीवन दिया है जिससे समय, शक्ति व घन की पर्याप्त बचत हुइ्र है।

8. उद्योग के क्षेत्र में:- औद्यौगिक क्षेत्र में विज्ञान ने क्रांतिकारी परिवर्तन किये है। हमारे देश में अनेक छोटे बड़े कल कारखानों का संचालन हो रहा है।

9. परमाणु शक्ति के क्षेत्र में:- आधुनिक युग को परमाणु युग कहा जाता है। आज अणुशक्ति द्वारा कृत्रिम बादलों के माध्यम से वर्षा भी की जा सकती है। इस शक्ति के माध्यम से पृथ्वी और समुद्र से मूल्यांकन गैस व खनिज प्राप्त किये जा रहे है।

10. भवन निर्माण एवं वास्तुकला के क्षेत्र में:- विज्ञान, बांध, बहुमंजली इमारते, मनोहारी शैल्पिक प्रयोग, भवन निर्माण के क्षेत्र में विज्ञान की अपूर्व प्रगति के प्रमाण है। क्रेन, बुलडोजर, ट्रिलर भिक्षक, खनन यंत्र आदि ने निमाणों को संभव बनाया है।

विज्ञान का दुरूपयोग:-

मानव की स्वार्थपूर्ण प्रवृत्तियों ने विज्ञान को वरदान से अभिशाप बना दिया है। वे विज्ञान का बेरोक-टोक दुरूपयोग कर रहे है अपने वर्चस्व को बनाये रखने तथा महत्वकांक्षाओं की पूर्ति के लिये अशांति, युद्ध और विनाश के गर्त में धकेल देते है।

विज्ञान के दुरूपयोग की घिनौनी प्रवृत्तियों ने मानव जीवन को अत्यंत अनिश्चिता की स्थिति में पहुंचा दिया है। आज विज्ञान के दुरूपयोग के कारण मानव एवं सभ्यता प्रगति के साथ अपने विनाश की ओर बड़ रही है सुविधा प्रदान करने वाले उपकरणों ने मनुष्य को आलसी बना दिया है यंत्रो के अत्यधिक उपयोग ने देश में बेरोजगारी को जन्म दिया है। परमाणु अस्त्रों के परीक्षणों ने मानव को मयकंपित कर दिया है। जापान के नागासाकी और हिरोशिमा नगरों का विनाश विज्ञान की ही देन है। परमाणु तथा हाइड्रोजन बम विश्व शांति के लिये खतरा बन गये है।

श्रीमती इंदिरा गांधी ने कहा था ‘‘वास्तव में विज्ञान ने जितनी समस्याएं हल की है उतनी ही नई समस्याएं खड़ी कर दी है।’’

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