CTET 2015 Exam Notes : Teaching of Science in Hindi Medium


विज्ञान की प्रकृति और संरचना

विज्ञान मनुष्य मात्र की सामूहिक कार्य कुशलता है और इसी के ही फलस्वरूप मानव की उन्नति एवं प्रगति अति तीव्र तथा असाधारण हुई है। 

आर्थर वाल्फोर ने कहा है- विज्ञान सामाजिक परिवर्तन का एक महान उपकरण है। आधुनिक सभ्यता के विकास में सहयोगी सभी क्रांतियों में सबसे अधिक शक्तिशाली है।’’
विज्ञान किसी भी विषय का पक्षपात रहित क्रमबद्ध सुसंगठित व सुव्यवस्थित ज्ञान है जो भांति-भांति से सत्यापित वर्गीकृत प्रयोगो पर आधारित है।

विज्ञान का अर्थ

विज्ञान वह व्यवस्थित ज्ञान या विद्या है जो विचार, अवलोकन, अध्ययन और प्रयोग से मिलती है, जो कि किसी अध्ययन के विषय की प्रकृति या सिद्धान्तों को जानने के लिये किये जाते हैं। विज्ञान शब्द का प्रयोग ज्ञान की ऐसी शाखा के लिये भी करते हैं, जो तथ्य, सिद्धान्त और तरीकों को प्रयोग और परिकल्पना से स्थापित और व्यवस्थित करती है। इस प्रकार कह सकते हैं कि किसी भी विषय का क्रमबद्ध ज्ञान को विज्ञान कह सकते है। ऐसा कहा जाता है कि विज्ञान के 'ज्ञान-भण्डार' के बजाय वैज्ञानिक विधि विज्ञान की असली कसौटी है।

विज्ञान की प्रकृति

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 दैनिक समस्याओं के समाधान में विज्ञान की भूमिका:

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वैज्ञानिक विधि के विभिन्न पद:-


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