स्किनर का सक्रिय अनुबन्धन (Instrumental conditioning) सिद्धान्त

इस सिद्धान्त का प्रतिपादन अमेरिका के हारवर्ड विश्वविद्यालय के प्रोफेसर बी.एफ स्किनर ने किया। इस सिद्धान्त का प्रमुख आधार थाॅर्नडाइक द्वारा प्रतिपादित प्रभाव का नियम था ।
इस नियम के अनुसार यदि किसी अनुक्रिया या व्यवहार के बाद सन्तोष या आनन्द की अनुभूति होती हैं तो प्राणी उस व्यवहार को दोहराना चाहता हैं इसके विपरीत यदि किसी अनुक्रिया के पश्चात् असन्तोष या दुःख का अनुभव होता हैं तो प्राणी उस व्यवहार को पुनः दोहराना नहीं चाहता । इस प्रकार ऐसे व्यवहार में उत्तेजन एंव अनुक्रिया का बन्धन (S-R bond) कमजोर हो जाता हैं यही नियम स्किनर के क्रिया प्रसूत व अनुबन्धन का आधार हैं।

बालकोें मेें अधिगम की वैैकल्पिक संकल्पना एवं अधिगम के सिद्धांत, उद्दीपन-अनुुिक्रिया का सिद्धान्त (Thorndike’s Stimulus Response Theory),  पावलव का शास्त्रीय अनुबंधन अनुकूलित-अनुुिक्रिया का सिद्धातं(Pavlov Theory of conditioned Response), सक्रिय अनुबन्धन का सिद्धान्त, क्रियाप्रसूत अनुबन्धन एवं शिक्षा, CTET Exam 2015 Notes Hindi,  बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र, CDP Hindi Notes, सी टी ई टी नोट्स

क्रियाप्रसूत अनुबन्धन एवं शिक्षा


नोट: आपको हमारी पोस्ट कैसी लगी, कृपया कमेंट करके ज़रूर बताए ।

Post a Comment Blogger

 
Top