अभिक्षमता किसी एक क्षेत्र या समूह में व्यक्ति की कार्य कुशलता की विशिष्ट योग्यता अथवा विशिष्ट क्षमता है। बालक के विकास एवं व्यक्ति की व्यावसायिक सफलता में घर पर माता-पिता अभिक्षमता के महत्व को समझ सके तो बालक के समुचित विकास हेतु उपयुक्त पर्यावरण तैयार किया जा सकता है जिससे
घर रूपी खान में छिपे हुए बालक रूपी हीरों की चमक दिखाने से अवसरों की अधिक संभावना रहेगी अतएव अभिक्षमता मापन का मुख्य उद्देश्य बालक की छिपी हुई एवं अप्रत्यक्ष योग्यताओं को पहचान कर उसे उचित पर्यावरण प्रदान करता है जिससे बालक या व्यक्ति को उसकी अभिक्षमताओं एवं रूचि के अनुसार शिक्षा दी जा सके।

परिभाषा:-
अभिक्षमता की परिभाषा के संबंध में मनोवैज्ञानिकों में मतैव्य नहीं है। फिर भी इस संबंध में दो प्रमुख विचारधाराएं प्रचलित है। एक विचारधारा के अनुसार अभिक्षमता जन्मजात अथवा अर्जित है। जबकि दूसरी विचारधारा के दृष्टिकोण से अभिक्षमता एक गुण है अथवा बहुत से गुणों का सम्मिलित प्रभाव है।

बिंघम :- ‘‘अभिक्षमता किसी व्यक्ति के प्रशिक्षण के पश्चात उसके ज्ञान, दक्षता या प्रतिक्रियाओं को सीखने की योग्यता है’’
दूसरे शब्दों, अभिक्षमता से हमारा आशय व्यक्ति की उस तत्परता अथवा रूझान से है जो किसी पेशे या कार्य में भावी सफलता पाने हेतु आवश्यक होती है तथा जिसका प्रस्फुटन शिक्षा एवं अभ्यास के द्वारा होता है। अतएव बिंघम का निष्कर्ष है कि अभिक्षमता एक गुण नहीं है बल्की यह तो बहुत से गुणों का सम्मिलित प्रभाव है तथा विभिन्न अभिक्षमताओं में विभिन्न गुणों के मिश्रणों की आवश्यकता होती है।

अभिक्षमता का महत्व:-

बिंघम के अनुसार:-

अभिक्षमता परीक्षण का अर्थ-

अभिक्षमता परीक्षण व्यक्ति की किसी विशेष प्रकार के कार्य को करने वाली बीजभूत योग्यता का मापन करते है।
फ्रीमैन (1965) अभिक्षमता परीक्षण वह परीक्षण है जिसके सहारे किसी खास क्षेत्र में कोई विषिष्ट कार्य करने में व्यक्ति की प्राप्त क्षमता का मापन किया जाता है।

अभिक्षमता परीक्षण (मापन) प्रकार :- 


1. एक कारक अभिक्षमता परीक्षण में एक ही तरह की अभिक्षमता की माप की जाती है। जैसे: मिनीसोटा यांत्रिक अभिक्षमता
2. बहुकारक: इसमें कई स्वतंत्र अभिक्षमताओं की परीक्षण मात्रा होती है जो भिन्न-भिन्न अभिक्षमताओं का परीक्षण एक साथ करती है जैसे - फ्लैन गन एप्टीटयूड क्लासीफिकेषन टेस्ट जो 21 अभिक्षमताओं का परीक्षण एक साथ करती है।

कुछ यांत्रिक योग्यताओं को मापने वाले परीक्षण:-

लिपिक अभिक्षमता परीक्षण:-

विशिष्ट क्षेत्रो में  अभिक्षमता परीक्षण:-
अभिक्षमता (Aptitude), अभिक्षमता का महत्व, अभिक्षमता परीक्षण (मापन) प्रकार, अभिक्षमता परीक्षणों  के व्यवहारिक उपयोग, बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र, शिक्षा मनोविज्ञान, Child Development and Pedagogy, Educational Psychology, CTET Exam Notes, TET Study Material, NET, B.ED, M.ED Study Notes.

अभिक्षमता परीक्षणों  के व्यवहारिक उपयोग:-

अभिक्षमता परीक्षणों के विभिन्न क्षेत्रों में व्यवहारिक उपयोग होते है, जैसे मेडिकल काॅलेज, इंजीनियर काॅलेज, कानून, अध्यापन, संगीत, कला, विज्ञान तकनीकी क्षेत्रों में मापन में स्कूल काॅलेज बच्चों को व्यावसायिक निर्देशन प्रदान करने, कर्मचारियों, लिपिकों के चयन के लिये इनका उपयोग किया जाता है।

<< बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र

Post a Comment Blogger

 
Top