NCERT Solutions for Class 8th: भारत की खोज पृष्ठ संख्या: 127 हिंदी 

5. सिंधु घाटी सभ्यता के अंत के बारे में अनेक विद्वानों के कई मत हैं। आपके अनुसार इस सभ्यता का अंत कैसे हुआ होगा, तर्क सहित लिखिए।

उत्तर

जलवायु परिवर्तन के कारण उपजाऊ भूमि का रेगिस्तान में बदल जाना इस सभ्यता का अंत का कारण रहा होगा। सिंधु घाटी सभ्यता कई वर्षों तक अपनी अत्याधुनिक विकास के लिए जानी जाती है। वहां की शहरों का निर्माण बेहद सोच-समझ कर किया गया था इसलिए बाढ़ जैसी त्रासदी से सभ्यता का अंत काल्पनिक लगता है। अवशय ही जलवायु परिवर्तन की वजह से वो जगह रेगिस्तान में तब्दील हो गया होगा जिस कारण सभ्यता में रहने वालों लोगों के लिए अपनी कृषि एवं भरण-पोषण सम्बन्धी गतिविधयों से वंचित होना पड़ा होगा और यह खत्म हो गयी।

8."हमें आरंभ में ही एक ऐसी सभ्यता और संस्कृति की शुरूआत दिखाई पड़ती है जो तमाम परिवर्तनों के बावजूद आज भी बनी है।"
आज की भारतीय संस्कृति की ऐसी कौन-कौन सी बातें/चीज़ें हैं जो हज़ारों साल पहले से चली आ रही हैं? आपस में चर्चा करके पता लगाइए।

उत्तर
भारतीय संस्कृति, ये स्वयं में अद्भूत गुणों को समेटे हुए है। भारतीय संस्कृति का स्थायी रूप से टिके रहने का कारण इसका ठेठ भारतीयपन है और यही आधुनिक सभ्यता का आधार है। इसी कारण ये संस्कृति पाँच-छ: हज़ार वर्ष या उससे भी अधिक समय तक निंरतर बनी रही है वह भी बराबर परिवर्तनशील और विकासमान रहकर। उस समय के देशों से जैसे- फ़ारस, मिस्र, ग्रीस, चीन, अरब, मध्य एशिया और भूमध्य सागर के लोगों से उसका बराबर संपर्क रहा इन्होंने भारत को प्रभावित किया और स्वयं भी इससे प्रभावित हुए। परन्तु इसका सांस्कृतिक आधार इतना मजबूत था कि कितनी ही अन्य सभ्यता व संस्कृति आई, इसने उन्हें भी अपने में आत्मसात कर लिया। इसके इसी लचीलेपन ने इसे हज़ारों सालों तक बनाए रखा। अन्य संस्कृतियाँ व सभ्यताएँ वक्त के थपेड़ों के साथ जैसे उत्पन्न हुई थी उसी तरह पतन के गर्त में समा गई परन्तु भारतीय सभ्यता जस के तस बनी हुई है। भारतीय संस्कृति में कई ऐसी बातें हैं जो उसी तरह बनी हुई है जैसे प्राचीन कालीन युग से आधुनिक युग तक। जैसे- गंगा के तटों पर पीढ़ी दर पीढ़ी स्नान के लिए लोग खीचें चले आ रहे हैं। भारतीय संस्कृति में टकराहट को कभी जगह नहीं मिली इसके स्थान पर इसने हमेशा समन्वय व प्रेम को अधिक स्थान दिया है इसी कारण ये आज भी विद्यमान है।  समय के अनुसार इसकी परिवर्तन शीलता ने भी इसको बनाए रखने में विशेष सहयोग दिया है। इसके यही गुण हैं जिसने इसे आज भी स्थापित रखा है।

10. प्राचीन काल से लेकर आज तक राजा या सरकार द्वारा ज़मीन और उत्पादन पर 'कर' (tax) लगाया जाता रहा है। आजकल हम किन-किन वस्तुओं और सेवाओं पर कर देते हैं, सूची बनाइए।

उत्तर
आजकल हम निम्नलिखित वस्तुओं और सेवाओं पर कर देते हैं -
→ संपत्ति पर कर
→ आयकर
→ खाद्य पदार्थों व वस्त्रों पर कर
→ होटलों व रेस्टोरेन्ट पर खानें पर कर
→ हवाई यात्रा पर कर
→ टी.वी, फ्रिज़, स्वर्ण आभूषणों की खरीद पर कर
→ सर्विस टैक्स (अर्थात् किसी काम को करने व करवाने पर कर)
→ व्यापार कर
→ मनोरंजन कर

11. (क) प्राचीन समय में विदेशों में भारतीय संस्कृति के प्रभाव के दो उदाहरण बताइए।
(ख) वर्तमान समय में विदेशों में भारतीय संस्कृति के कौन-कौन से प्रभाव देखे जा सकते हैं? अपने साथियों के साथ मिलकर एक सूची बनाइए।
(संकेत - खान-पान, पहनावा, फिल्में, हिंदी, कंप्यूटर, टेलीमार्केटिंग आदि।)

उत्तर

(क) प्राचीन समय में विदेशों में भारतीय संस्कृति के कई प्रभाव पड़े। भारत में आने वाले विदेशी यात्री भारत की संस्कृति की विशेषताओं को अपने साथ ले गए उनमें मुख्य हैं- भारतीय खानपान की चीज़ें, भारतीय कपड़ों का विदेशों में प्रचलन आदि।

(ख) वर्तमान समय में भी विदेशों में भारतीय संस्कृति के कई प्रभाव देखे जा सकते हैं, जैसे -
→ विभिन्न पकवान तथा खानपान की चीज़ें
→ भारत में पहने जाने वाले कपड़ों की माँग
→ भारतीय भाषा हिंदी तथा अन्य भाषाओं का प्रभाव
→ कंप्यूटर के क्षेत्र में विदेशी बाज़ार पर प्रभाव डाला है
→ अन्य पहलू जैसे- धर्म, दर्शन, नीति-शिक्षा आदि का भी महत्वपूर्ण स्थान है।

Post a Comment Blogger

 
Top