पावलव के अनुकूलित अनुक्रिया तथा स्किनर के कार्यात्मक अनुबन्धन में अन्तरDifference between Pavlov Classical Conditioning Theory and B.F. Skinner Theory of Operant Conditioning


अनुबन्धन के मुख्य दो प्रारूप हैं- शास्त्रीय अनुबन्धन (classical conditioning) तथा कार्यात्मक अनुबन्धन (instrumental conditioning) इन दोनो तरह के अनुबन्धन में मुख्य समानता यह हैं कि इन दोनो के अनुबन्धन द्वारा सीखने में पुनर्बलन (reinforcement) प्राणी में अन्तर्नोद (drive) तथा उद्दीपक अनुक्रिया (stimulus-response ) का होना अनिवार्य हैं। इन समानताओं के होते हुए भी इन दोनो सिद्धान्तों में विभिन्नता भी दृष्टिगोचर होती हैं। पावलव के अनुकूलित अनुबन्धन तथा साधनात्मक अनुबन्धन में दो तरह के प्रमुख अन्तर हैं।
(अ) कार्यविधि सम्बन्धी अन्तर (Procedural difference)
(ब) सैद्धान्तिक अन्तर ( Theoretical difference )

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अतः निष्कर्ष यह हैं कि पावलव का शास्त्रीय अनुबन्धन तथा स्किनर का कार्यात्मक अनुबन्धन कार्य-विधि (procedure) के दृष्टिकोण से एक-दूसरे से काफी अलग हैं परन्तु सैद्धान्तिक रूप से (Theoretically) बहुत भिन्न नहीं है।

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