NCERT Solutions for Class 8th: पाठ  5 - नाटक में नाटक (कहानी) हिंदी भाग- III

- मंगल सक्सेना

पृष्ठ संख्या: 34

1. पाठ से

(क) बच्चों ने मंच की व्यवस्था किस प्रकार की?

उत्तर

मोहल्ले के बच्चों ने मिल-जुलकर फालतु पड़े एक छोटे से सार्वजनिक मैदान में घास व फूल-पौधें लगाए थे। वहीं एक मंच भी बना लिया था।

(ख) पर्दे की आड़ में खड़े अन्य साथी मन-ही-मन राकेश की तुरतबुद्धि की प्रशंसा क्यों कर रहे थे?

उत्तर

पर्दे की आड़ में खड़े अन्य साथी मन ही मन राकेश की तुरतबुद्धि की प्रशंसा कर रहे थे क्योंकि उसने बिगड़े हुए नाटक को सम्भाल लिया था। सभी समझे कि नाटक में नाटक की कठिनाइयाँ बताई गई हैं। सभी दर्शक प्रशंसा करते चले गए।

(ग) नाटक के लिए रिहर्सल की जरूरत क्यों होती है?

उत्तर

नाटक बिना तैयारी के नहीं हो सकता क्योंकि नए कलाकार मंच पर आकर डर जाते हैं। अच्छे-अच्छे कलाकार भी बिना रिहर्सल के घबरा जाते हैं। उन्हें पता नहीं चलता कब, क्या, कहाँ और कैसे बोलना है। रिहर्सल में नाटक की इन्हीं महत्वपूर्ण बातों की चर्चा होती है।

2. नाटक की बात

"जब नाटक में अभिनय करने वाले कलाकार भी नए हों, मंच पर आकर डर जाते हों, घबरा जाते हों और कुछ-कुछ बुद्धू भी हों, तब तो अधूरी तैयारी से खेलना ही नहीं चाहिए।"

(क) ऊपर के वाक्य में नाटक से जुड़े कई शब्द आए हैं; जैसे–अभिनय, कलाकार और मंच आदि। तुम पूरी कहानी को पढ़कर ऐसे ही और शब्दों की सूची बनाओ।
तुम इस सूची की तालिका इस प्रकार बना सकते हो–

व्यक्तियों या वस्तुओं के नाम
काम
कलाकार, मंच
अभिनय

उत्तर

व्यक्तियों या वस्तुओं के नाम
काम
कलाकार, मंच
अभिनय
चित्रकार, ब्रश, पेन्ट
चित्रकारी
संगीतकार, वायलिन
स्वर लहरी
राकेश, कुर्सी
डायरेक्टर
मोहल्ले वाले
दर्शक

पृष्ठ संख्या: 35

5. सोचो,ऐसा क्यों?

नीचे लिखे वाक्य पढ़कर प्रश्नों के उत्तर दो।
"राकेश को गुस्सा भी आ रहा था और रोना भी।"
(क) तुम्हारे विचार से राकेश को गुस्सा और रोना क्यों आ रहा होगा?

उत्तर

राकेश को गुस्सा इसलिए आ रहा था क्योंकि वे लोग ठीक से अभिनय नहीं कर रहे थे और रोना इसलिए आ रहा था क्योंकि उसकी मेहनत बेकार जा रही थी।

"राकेश मंच पर पहुँच गया। सब चुप हो गए, सकपका गए।"
(ख) तुम्हारे विचार से राकेश जब मंच पर पहुँचा, बाकी सब कलाकार क्यों चुप हो गए होंगे?

उत्तर

राकेश नाटक का हिस्सा नही था इसलिए जब वह मंच पर पहुँचा, बाकी सब कलाकार चुप हो गए। उन्हें  इसका कारण समझ नही आया।

"दर्शक सब शांत थे, भौंचक्के थे।"
(ग) दर्शक भौंचक्के क्यों हो गए थे?

उत्तर

दर्शकों को लग रहा था कि नाटक खराब हो गया है परन्तु राकेश ने आकर उसे सम्भाल लिया था तो उन्हें लगा कि नाटक में ही नाटक है इसलिए वे शांत और भौंचक्के हो गए थे।

"मैंने कहा था न कि रिहर्सल में भी यह मानकर चलो कि दर्शक सामने ही बैठे हैं।"
(घ) राकेश ने ऐसा क्यों कहा होगा?

उत्तर

राकेश ने अपने कलाकारों को समझाने के लिए ऐसा कहा था परन्तु इस तरह कहा कि ऐसा लगा मानों यह नाटक का ही हिस्सा हो। उसने ऐसा कहकर नाटक को सम्भाल लिया।

7. शब्दों का फेर

"जब संगीत की स्वर लहरी गूँजती है तो पशु-पक्षी तक मुग्ध हो जाते हैं, शायर साहब! आप क्या समझते हैं संगीत को?"
इस संवाद को पढ़ो और बाताओ कि–
(क) कहानी में इसके बदले किसने, क्यों और क्या बोला? तुम उसको लिखकर बताओ।
(ख) कहानी में शायर के बदले गाजर कहने से क्या हुआ? तुम भी अगर किसी शब्द के बदले किसी अन्य शब्द का प्रयोग कर दो तो क्या होगा?

उत्तर

(क) इसके बदले संगीतकार ने अपना संवाद भूलने और राकेश की बात ठीक से न सुनने पर कहा कि जब संगीत की स्वर लहरी गूँजती है तो सब पशु-पक्षी तक मुँह की खा जाते हैं, गाजर साहब! आप क्या समझते हैं हमें गाजर साहब!
(ख) यदि हम किसी गलत शब्द का इस्तेमाल करेंगे तो हमें भी उलट कर वही जवाब मिलेगा।

पृष्ठ संख्या: 36

8. तुम्हारा शीर्षक

इस कहानी का शीर्षक 'नाटक में नाटक' है। कहानी में जो नाटक है तुम उसका शीर्षक बताओ।

उत्तर

रिहर्सल  की अनिवार्यता

9. वाक्यों की बात

नीचे दिए गए वाक्यों के अंत में उचित विराम चिह्न लगाओ–
(क) शायर साहब बोले उधर जाकर सुन ले न
(ख) सभी लोग हँसने लगे
(ग) तुम नाटक में कौन-सा पार्ट कर रहे हो
(घ) मोहन बोला अरे क्या हुआ तुम तो अपना संवाद भूल गए 

उत्तर

(क) शायर साहब बोले, "उधर जाकर सुन ले न।"
(ख) सभी लोग हँसने लगे।
(ग) तुम नाटक में कौन-सा पार्ट कर रहे हो?
(घ) मोहन बोला, "अरे! क्या हुआ तुम तो अपना संवाद भूल गए।"

Post a Comment Blogger

 
Top