बहु-बुद्धि का सिद्धांत 

(GARDNER THEORY OF MULTIPLE INTELLIGENCE)

बहु-बुद्धि का सिद्धांत  हावर्ड गार्डनर (Howard Gardner) द्वारा प्रस्तुत किया गया। उनके  अनुसार, बुद्धि कोई एक तत्व नहीं है बल्कि कई भिन्न-भिन्न प्रकार की बुद्धियों का अस्तित्व होता है। प्रत्येक बुद्धि  एक दूसरे से स्वतंत्रा रहकर कार्य करती है। इसका अर्थ यह है कि यदि
किसी व्यक्ति में किसी एक बुद्धि की मात्रा अधिक है तो यह अनिवार्य रूप से इसका संवेफत नहीं करता कि उस व्यक्ति में किसी अन्य प्रकार की बुद्धि अधिक होगी, कम होगी या कितनी होगी। गार्डनर ने यह भी बताया कि किसी समस्या का समाधान खोजने के लिए भिन्न-भिन्न प्रकार की बुद्धियाँ आपस में अंतःक्रिया करते हुए साथ-साथ कार्य करती हैं। अपने-अपने क्षेत्रों में असाधारण योग्यताओं का प्रदर्शन करने वाले अत्यंत प्रतिभाशाली व्यक्तियों का गार्डनर ने अध्ययन किया और इसके  आधार पर आठ प्रकार की बुद्धियों का वर्णन किया। ये निम्नलिखित हैं-

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