मेक्डूगल के अनुसार,- ‘‘ रूचि गुप्त अवधान है, अवधान सक्रिय रूचि है।’’ इसका अर्थ है कि रूचि अवधान मे तथा अवधान रूचि में प्रदर्षित होती है।
राॅस के अनुसार,- अवधान एवं रूचि एक ही सिक्के के दो पहलू है। अर्थात रूचि और अवधान एक दूसरे पर आधारित रहते हैं।

रूचि किसी वस्तु, व्यक्ति या विचार के प्रति सम्बन्ध जोड़ने वाली मानसिक क्रिया है। परन्तु मनोवैज्ञानिकांें ने माना है कि रूचि एक मानसिक प्रक्रिया नहीं है बल्कि एक मानसिक व्यवस्था है। यह व्यवस्था अनुभव द्वारा बनती है। जो व्यक्ति में रूचि या अरूचि की अनुमति करती है। कुछ मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि आवष्यकता, प्रतिष्ठा, मूल्य तथा समझ आदि कारक रूचियों का निर्धारण करते हैं।

बी. एन. झा के अनुसुसार- रूचि वह स्थिर मानसिक विधि है, जो ध्यान क्रिया को सतत् बनाये रखती है।

रूचि की विशेषताएं (Characteristics of Interest) :-

रूचियों के प्रकार (Types of Interest):-


सीखने में  रूचि बनाए रखने के उपाय (Measures for Interest Continuance in Learning)

शिक्षा में बालक की रूचि बनाये रखने हेतु निम्नलिखित विधियों का उपयोग करना चाहिए-
रूचि (Interest), रूचि की विशेषताएं (Characteristics of Interest), रूचियों के प्रकार, सीखने में  रूचि बनाए रखने के उपाय, बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र, शिक्षा मनोविज्ञान, Child Development and Pedagogy, Educational Psychology, CTET Exam Notes, TET Study Material, NET, B.ED, M.ED Study Notes.

 रूचि ज्ञात करने हेतु परीक्षण (Various Test of Knowing Interest):-


एस. पी. कुलश्रेष्ठ : का शैक्षिक रूचि-पत्रक

प्रस्तुत पत्रक में सात शैक्षिक क्षेत्रों- कृषि, कला, वाणिज्य, विज्ञान एवं तकनीकी, गृह-विज्ञान तथा ह्यूमेनिटिज्य से संबंधित 98 शैक्षिक विषयों का अध्ययन सम्भव है। यह पत्रक स्वयं प्रषासित किया जाता है। यह समूह तथा व्यक्तिगत रूप से प्रषासित किया जा सकता है। समय-सीमा 5 से 7 मिनट रखी गई है। इस पत्रक का उद्देष्य माध्यमिक स्तर और महाविद्यालीय स्तर पर पढ़ने वाले छात्रों को शैक्षिक परामर्ष एवं निर्देषन देना है।

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