29 June 2020

HINDI QUIZ 27.06.2020

HINDI QUIZ 27.06.2020

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1.ग्लोबल मैक्रो आउटलुक 2020-21 में मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस के अनुसार, वित्त वर्ष 2020 में भारतीय अर्थव्यवस्था में कितने प्रतिशत तक गिरावट आई है?

A. 1%

B. 5

C. 5%

D. 2

2.पारंपरिक नव वर्ष का त्योहार ‘आषाढ़ी बीज’ भारत के किस राज्य में मनाया जाता है?

A. महाराष्‍ट्र

B. गुजरात

C. राजस्‍थान

D. ओडिशा

3.विश्व बैंक द्वारा जारी नई क्रय शक्ति समानताओं (पीपीपी) के अनुसार, पीपीपी के संदर्भ में एक अर्थव्यवस्था के रूप में भारत की वैश्विक स्थिति क्या है?

A. चौथी

B. पांचवीं

C. तीसरी

D. छठी

4.केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा हाल ही में स्वीकृत पशुपालन अवसंरचना विकास निधि (AHIDF) के लिए बजट परिव्यय क्या है?

A. 20,000 करोड़

B. 25,000 करोड़

C. 40,000 करोड़

D. 15,000 करोड़

5.केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कुशीनगर हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा घोषित करने की मंजूरी दे दी है, यह किस राज्य में स्थित है?

A. उत्‍तर प्रदेश

B. बिहार

C. उत्‍तराखंड

D. झारखंड

6.प्रसिद्ध खिलाड़ी के. रघुनाथ का हाल ही में निधन हो गया, वह किस खेल से संबद्ध थे?

A. वॉलीबाल

B. फुटबॉल

C. बॉस्‍केटबॉल

D. बेसबॉल

7.एंटी-डंपिंग शुल्क से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिएः

1.भारत ने चीन, वियतनाम और दक्षिण कोरिया से आयात होने वाले कुछ स्टील उत्पादों पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी लगा दिया             है।

2.भारत सरकार ने वर्ष 2016 में ‘डंपिंग रोधी एवं संबद्ध शुल्क महानिदेशालय’ के स्थान पर ‘व्यापार उपाय महानिदेशालय’           (DGTR) का सृजन किया।

उपर्युक्त में से कौन सा कथन सत्य है?

A. केवल 1

B. केवल 2

C. 1 व 2, दोनों

D. दोनों कथन असत्य है।

8.निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिएः

1.प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सभी शिशु ऋण खातों पर 12 माह की अवधि के लिए               2% की ब्याज सब्सिडी देने की योजना को मंजूरी दे दी.

2.प्रधान मंत्री मुद्रा योजना की शुरुआत 8 अप्रैल, 2013 को गैर-कॉर्पोरेट, गैर-कृषि लघु / सूक्ष्म उद्यमों को 10 लाख तक            का ऋण प्रदान करने के उद्देश्य से की गई है।

3.PMMY के तहत ऋणों को MUDRA ऋण के रूप में वर्गीकृत किया जाता है।

उपर्युक्त दिया गया कौन सा कथन सही हैं ?

A. 1 और 2 सही हैं

B. 1 और 3 सही हैं

C. 2 और 3 सही हैं

D. उपर्युक्त सभी सही हैं

9.निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिएः

1.प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन तथा प्रमाणीकरण केंद्र की          स्थापना को मंजूरी दे दी.

2.इसे अंतरिक्ष गतिविधियों के समस्त क्षेत्र में निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए मंजूरी दी गई है।

उपर्युक्त में से कौन सा कथन सत्य है?

A. केवल 1

B. केवल 2

C. 1 व 2, दोनों

D. दोनों कथन असत्य है।

ANSWERS:-

उत्तरः 1)A       

व्याख्या

क्रेडिट रेटिंग एजेंसी मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस ने भारतीय अर्थव्यवस्था के आकार में 2020 में 3.1 फीसदी की गिरावट आने का अनुमान व्यक्त किया है. साथ ही इसने यह वित्त वर्ष 2021 में भारतीय अर्थव्यवस्था में 6.9% की दर से वृद्धि होने का भी अनुमान जारी किया है।इसके अलावा ग्लोबल मैक्रो आउटलुक में इस बात का भी संकेत दिया है कि चीन वित्त वर्ष 2020 में 1% की दर से वृद्धि करने वाला एकमात्र G-20 देश होगा और वित्त वर्ष 2021 में इसके 7.1% की दर से विकास करने की उम्मीद है। साथ ही मूडीज ने वित्त वर्ष 2020 में जी-20 देशों की अर्थव्यवस्थाओं 4.6 प्रतिशत की दर से गिरने का अनुमान लगाया है, इसके बाद 2021 में 5.2 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान भी जारी किया है।

उत्तरः 2)B       

व्याख्या

आषाढ़ी बिज, कच्छी नव वर्ष गुजरात के कच्छ क्षेत्र में मनाया जाता है।प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों को विशेष अवसर पर शुभकामनाएं दी हैं।आषाढ़ी बिज हिंदू कैलेंडर के आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष के दूसरे दिन आती है।यह त्योहार गुजरात के कच्छ क्षेत्र में बारिश की शुरुआत से जुड़ा है।आषाढ़ी बिज के दौरान, वातावरण में नमी की भविष्यवाणी की जाती है कि आने वाली मानसून में कौन सी फसल सबसे अच्छा करेगी।

उत्तरः 3)C       

व्याख्या

भारत 2017 के क्रय शक्ति समता (पीपीपी) के आधार पर अमेरिका और चीन के बाद तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश बना हुआ है।

क्रय शक्ति समता :

  • यह अंतर्राष्ट्रीय विनिमय का एक सिद्धांत है।
  • इसका अर्थ किन्हीं दो देशों के बीच वस्तु या सेवा की कीमत में मौजूद अंतर से लिया जाता है।
  • क्रय शक्ति समता के आधार पर किसी देश की अर्थव्यवस्था के आकार का पता लगाया जा सकता है।
  • क्रय शक्ति समता के माध्यम से यह पता लगाया जाता है कि दो देशों के बीच मुद्रा की क्रयशक्ति में कितना अंतर या फिर समता मौजूद है।
  • क्रय शक्ति समता द्वारा मुद्रा विनिमय दर को तय किया जाता है।

उत्तरः 4)D      

व्याख्या

सरकार ने बुधवार को ब्याज सब्सिडी योजना के साथ 15,000 करोड़ रुपये के बुनियादी ढांचा विकास कोष की घोषणा की। इसका उद्देश्य डेयरी, मांस प्रसंस्करण और पशु चारा संयंत्रों में निजी कारोबारियों और एमएसएमई के निवेश को प्रोत्साहित करना है। इस पहल के कारण 35 लाख रोजगार सृजित होने की संभावना है। यह फंड, कोविद -19 वायरस की रोकथाम के लिए लागू किये गये लॉकडाउन से प्रभावित लोगों की मदद करने के लिए मई में घोषित 20 लाख करोड़ रुपये के प्रोत्साहन पैकेज का हिस्सा है।

उत्तरः 5)A       

व्याख्या

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने उत्तर प्रदेश के कुशीनगर हवाई अड्डे को अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा घोषित किए जाने की मंजूरी दे दी है। हवाई अड्डे की अंतर्राष्ट्रीय दर्जा मिलने से घरेलू/अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन और क्षेत्रों के आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। यह अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगा हुआ एक महत्वपूर्ण रणनीतिक सुलभ स्थान होगा।यहाँ 3 किमी लंबा रनवे स्ट्रिप पहले ही बनके तैयार हो चुका है, जिसके बाद अब, यहाँ एक विशाल एयरबस विमान भी हवाई अड्डे पर उतर सकता है। कुशीनगर उत्तर-पूर्वी उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से लगभग 50 किलोमीटर पूर्व में स्थित है और यह प्रसिद्ध बौद्ध तीर्थ स्थलों में से एक है।

उत्तरः 6)C       

व्याख्या

कर्नाटक के पूर्व बास्केटबॉल स्टार के रघुनाथ का निधन हो गया।’पप्पाची’ के नाम से मशहूर रघुनाथ अभी भी लोकप्रिय बीगल्स बास्केटबॉल क्लब के संस्थापक सदस्यों में से एक थे।बास्केटबॉल के साथ रघुनाथ का सफ़र 1958 में शुरू हुआ, और लंबे समय से पहले वह मल्लेश्वरम हाई स्कूल और उसके बाद नेशनल कॉलेज और गवर्नमेंट साइंस कॉलेज (B.Sc) के लिए प्रशंसा जीत रहे थे।शूटर, जिन्हें दो साल पहले केरल में राष्ट्रीय खेल के दौरान कैंसर का पता चला था, ने अपना करियर पुणे में शिफ्ट करने से पहले मुंबई में शुरू किया था।

उत्तरः 7)A       

व्याख्या

भारत ने चीन, वियतनाम और दक्षिण कोरिया से आयात होने वाले कुछ स्टील उत्पादों पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी लगा दिया है। भारत ने इन देशों से आने वाले ऐसे फ्लैट रोल्ड स्टील उत्पादों पर शुल्क गया है, जिन पर एल्यूमीनियम और जिंक की कोटिंग चढ़ी हो। सरकार की ओर से जारी एक आदेश में कहा गया है कि इन उत्पादों पर 13.07 डॉलर से लेकर 173.10 डॉलर प्रति टन तक के हिसाब से शुल्क लगाया गया है। सरकार की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि ये शुल्क अगले पांच साल के लिए लगाया गया है।

व्यापार उपचार महानिदेशालय (DGTR)

  • भारत सरकार ने वर्ष 2018 में ‘डंपिंग रोधी एवं संबद्ध शुल्क महानिदेशालय’ (Directorate General of Anti-Dumping and Allied Duties-DGAD) के स्थान पर ‘व्यापार उपाय महानिदेशालय’ (DGTR) का सृजन किया।
  • DGTR का सृजन देश में एक व्यापक एवं त्वरित व्यापार सुरक्षा व्यवस्था के निर्माण के उद्देश्य से किया गया था।
  • निहितार्थ
  • सरकार के इस कदम का उद्देश्य चीन, वियतनाम और कोरिया जैसे देशों से आने वाले सस्ते आयात से घरेलू इस्पात उद्योग और निर्माताओं की रक्षा करना है।
  • आधिकारिक सूचना के अनुसार, सरकार के इस निर्णय का उद्देश्य निष्पक्ष व्यापार प्रथाओं को सुनिश्चित करना और विदेशी उत्पादकों तथा निर्यातकों के समक्ष घरेलू उत्पादकों को एक समान अवसर प्रदान करना है।
  • ध्यातव्य है कि भारत सरकार द्वारा यह एंटी-डंपिंग शुल्क ऐसे समय में अधिरोपित किया गया है, जब भारत-चीन के संबंधों में तनाव काफी अधिक बढ़ गया है, भारत-चीन सीमा पर हुई हिंसक झड़प के बाद खास तौर पर भारत में चीन विरोधी स्वर तेज़ हो रहे हैं, ऐसे में भारत के इस निर्णय को चीन के लिये एक संकेत के रूप में भी देखा जा सकता है।

डंपिंग और एंटी-डंपिंग शुल्क का अर्थ?

  • प्रायः डंपिंग शब्द का प्रयोग सर्वाधिक अंतर्राष्ट्रीय व्यापार कानून के संदर्भ में ही किया जाता है, जहाँ डंपिंग का अभिप्राय किसी देश के एक निर्माता द्वारा किसी उत्पाद को या तो इसकी घरेलू कीमत से नीचे या इसकी उत्पादन लागत से कम कीमत पर किसी दूसरे देश में निर्यात करने करने से होता है।
  • उल्लेखनीय है कि डंपिंग, आयात करने वाले देश में उस वस्तु की कीमत को प्रभावित करने के साथ-साथ वहाँ के घरेलू उद्योग के लाभ को कम करती हैं।
  • वैश्विक व्यापार मानदंडों के अनुसार, एक देश को अपने घरेलू निर्माताओं की रक्षा करने और उन्हें एक समान अवसर प्रदान करने के लिये इस प्रकार की डंपिंग पर शुल्क लगाने की अनुमति है।
  • हालाँकि यह शुल्क किसी अर्द्ध-न्यायिक निकाय जैसे- भारत में व्यापार उपचार महानिदेशालय (DGTR) द्वारा गहन जाँच के बाद ही अधिरोपित किया जा सकता है।
  • विश्व व्यापार संगठन (WTO-World Trade Organisation) की स्वीकृति से, जनरल एग्रीमेंट ऑन टैरिफ एंड ट्रेड General Agreement on Tariff & Trade-GATT) का अनुच्छेद VI देशों को डंपिंग के खिलाफ कार्रवाई करने का विकल्प चुनने की अनुमति देता है।
  • इस प्रकार हम कह सकते हैं कि जब कोई देश अपने घरेलू उद्योगों की रक्षा करने और उनके नुकसान को कम करने के लिये निर्यातक देश में उत्पाद की लागत और अपने यहाँ उत्पाद के मूल्य के अंतर के बराबर शुल्क लगा दे तो इसे ही डंपिंगरोधी शुल्क यानी एंटी-डंपिंग शुल्क कहा जाता है।

उत्तरः 8)B

व्याख्या

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने उधारकर्ताओं को प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (पीएमएमवाई) के तहत सभी शिशु ऋण खातों पर 12 माह की अवधि के लिए 2% की ब्याज सब्सिडी देने की योजना को मंजूरी दे दी।

कार्यान्वयन रणनीति:

  • यह योजना भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) के माध्यम से कार्यान्वित की जाएगी और 12 माह तक परिचालन में रहेगी।
  • जिन उधारकर्ताओं को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के ‘कोविड-19 नियामकीय पैकेज’ के तहत उनके बैंकों द्वारा मोहलत दी गई है उनके लिए यह योजना मोहलत अवधि के पूरा होने के बाद शुरू होगी और 12 माह की अवधि तक जारी रहेगी यानी 01 सितंबर, 2020 से 31 अगस्त, 2021 तक जारी रहेगी।
  • अन्य उधारकर्ताओं के लिए यह योजना 01 जून, 2020 से प्रभावी होगी और 31 मई, 2021 तक जारी रहेगी।

‘प्रधानमंत्री मुद्रा योजना’

  • प्रधान मंत्री मुद्रा योजना की शुरुआत 8 अप्रैल, 2015 को गैर-कॉर्पोरेट, गैर-कृषि लघु / सूक्ष्म उद्यमों को 10 लाख तक का ऋण प्रदान करने के उद्देश्य से की गई है।
  • PMMY के तहत ऋणों को MUDRA ऋण के रूप में वर्गीकृत किया जाता है।
  • ये ऋण वाणिज्यिक बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, लघु वित्त बैंक, सूक्ष्म वित्त संस्थाओं तथा गैर-बैंकिंग‍ वित्तीय कंपनियों द्वारा प्रदान किये जाते हैं।

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत तीन प्रकार के ऋणों की व्यवस्था की गई

  1. शिशु (Shishu) – 50,000 रुपए तक के ऋण,
  2. किशोर (Kishor) – 50,001 से 5 लाख रुपए तक के ऋण,
  3. तरुण (Tarun) – 500,001 से 10 लाख रुपए तक के ऋण।

शिशु’ ऋण राहत योजना की आवश्यकता

  • COVID-19 महामारी के तहत लगाए गए लॉकडाउन के कारण ‘सूक्ष्म और लघु उद्यमों’ का कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इससे इन उद्यमों की ऋण अदायगी क्षमता बहुत प्रभावित हैं । अत: इन कारोबारियों के ऋण के डिफॉल्‍ट होने तथा NPA में बदलने की बहुत अधिक संभावना है। इसके परिणामस्वरूप भविष्य में संस्थागत ऋणों तक उनकी पहुँच पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
  • 31 मार्च, 2020 तक की स्थिति के अनुसार, PMMY के तहत कुल 37 करोड़ रुपए की ऋण राशि बकाया थी।
  • योजना का महत्त्व:
  • योजना के क्रियान्वयन से सूक्ष्म तथा लघु उद्यमों को COVID-19 महामारी के कारण उत्पन्न वित्तीय परेशानियों से निपटने में मदद मिलेगी।
  • छोटे कारोबारियों को महामारी के समय धन की कमी का सामना करना पड़ रहा है अत: उनके द्वारा कर्मचारियों की छंटनी की जा रही है।
  • योजना छोटे कारोबारियों को कर्मचारियों की छंटनी किये बिना ही अपना कामकाज निरंतर जारी रखने में मदद करेगी।

उत्तरः 9)C       

व्याख्या

प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन तथा प्रमाणीकरण केंद्र की स्थापना को मंजूरी दे दी है। इसे अंतरिक्ष गतिविधियों के समस्त क्षेत्र में निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए मंजूरी दी गई है। साथ ही, इससे न केवल इस क्षेत्र में तेजी आएगी बल्कि भारतीय उद्योग विश्व की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेगा।

उद्देश्य

  • इस निकाय के गठन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) अपनी आवश्यक गतिविधियों जैसे- अनुसंधान एवं विकास, ग्रहों के अन्वेषण और अंतरिक्ष के रणनीतिक उपयोग आदि पर ध्यान केंद्रित कर सके और अन्य सहायक कार्यों को निजी क्षेत्र को हस्तांतरित कर दिया जाए।
  • इसके अतिरिक्त यह निकाय छात्रों और शोधकर्त्ताओं आदि को भारत की अंतरिक्ष परिसंपत्तियों तक अधिक पहुँच प्रदान करेगा, जिससे भारत के अंतरिक्ष संसाधनों और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकियों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा।

लाभ

  • विशेषज्ञों के अनुसार, सरकार का यह ऐतिहासिक निर्णय ISRO को अनुसंधान एवं विकास गतिविधियों पर अधिक ध्यान केंद्रित करने की अनुमति देगा।
  • ये सुधार ISRO को अनुसंधान एवं विकास गतिविधियों, नई प्रौद्योगिकियों, खोज मिशनों तथा मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रमों पर अधिक ध्यान करने में सक्षम बनाएंगे। उल्लेखनीय है कि सरकार कुछ ग्रह संबंधी खोज मिशनों को भी निजी क्षेत्र के लिये खोलने पर विचार कर रही है।
  • विदित हो कि भारत अंतरिक्ष क्षेत्र में उन्नत क्षमताओं वाले कुछ प्रमुख देशों में शामिल है और इन सुधारों से देश के अंतरिक्ष क्षेत्र को नई ऊर्जा तथा गतिशीलता प्राप्त होगी जिससे भारत को अंतरिक्ष गतिविधियों के आगामी चरण में तेज़ी से आगे बढ़ने में मदद मिलेगी।
  • इससे न केवल भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र में तेज़ी आएगी बल्कि भारतीय अंतरिक्ष उद्योग विश्व की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था में भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकेगा। इसके साथ ही इस निर्णय से प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर रोज़गार की संभावनाएं बनेंगी।

निजी क्षेत्र और भारत

  • भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी क्षेत्र की भूमिका अब तक काफी सीमित रही है। सिर्फ कम महत्त्वपूर्ण कार्यों के लिये ही निजी क्षेत्र की सेवाएँ ली जाती रही हैं। उपकरणों को बनाना और जोड़ना तथा परीक्षण (Assembly, Integration and Testing-AIT) जैसे महत्त्वपूर्ण कार्य अब तक ISRO द्वारा ही किये जाते रहे हैं।
  • उल्लेखनीय है कि बीते वर्ष न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड (New Space India Limited- NSIL) का आधिकारिक रूप से बंगलूरु में उद्घाटन किया गया था, जो कि ISRO की एक वाणिज्यिक शाखा है। NSIL का उद्देश्य भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रमों में उद्योग की भागीदारी को बढ़ाना था।
  • बीते दिनों वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की थी कि आगामी समय भारत का निजी क्षेत्र भारत के अंतरिक्ष संबंधी कार्यक्रमों में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया था कि सरकार ISRO की सुविधाओं को निजी क्षेत्र के साथ साझा करने पर विचार कर रही है।

अंतरिक्ष उद्योग में निजी क्षेत्र- लाभ

1.लगातार बढ़ती मांग

हाल के कुछ वर्षों में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के वार्षिक बजट में कुछ वृद्धि हुई है, जो कि ISRO के विकास को दर्शाता है, हालाँकि देश में अंतरिक्ष-आधारित सेवाओं की मांग भी काफी तेज़ी से बढ़ रही है, जिसके कारण ISRO इन मांगों को पूरा करने में समर्थ नहीं है। ऐसे में मांग को पूरा करने के लिये निजी क्षेत्र की भूमिका काफी महत्त्वपूर्ण हो जाती है।

2.अंतरिक्ष क्षेत्र का समग्र विकास

कई विश्लेषकों का मानना है कि भारतीय अंतरिक्ष क्षेत्र का समग्र विकास निजी क्षेत्र की भागीदारी के बिना सुनिश्चित नहीं किया जा सकता है। ऐसे में यदि भारत को अंतरिक्ष क्षेत्र का समग्र विकास करना है तो उसे निजी क्षेत्र के लिये एक अनुकूल वातावरण निर्मित करना होगा।

3.मानव पूंजी का यथोचित उपयोग

अंतरिक्ष गतिविधियों को केवल ISRO तक सीमित करने से, देश में मौजूद मानव पूंजी का यथोचित उपयोग संभव नहीं हो पाता है। इस प्रकार अंतरिक्ष उद्योग को निजी क्षेत्र के लिये खोलने से देश में उपलब्ध मानव पूंजी संसाधन का पूर्ण उपयोग संभव हो सकेगा।

4.प्रौद्योगिक उन्नति

अंतरिक्ष उद्योग में निजी क्षेत्र की भागीदारी सुनिश्चित करने से बेहतर और महत्त्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों का विकास संभव हो सकेगा। इससे अंतरिक्ष अन्वेषण गतिविधियों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) जैसी कई अन्य तकनीकों के एकीकरण हो सकेगा।

5.जोखिम में कमी

अंतरिक्ष संबंधी प्रत्येक लॉन्च में विभिन्न प्रकार के जोखिम निहित होते हैं, ऐसे में निजी क्षेत्र लागत कारक के जोखिम को साझा करने में मदद कर सकता है।

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